छत्तीसगढ़

थानों और सरकारी दफ्तरों की दीवारों पर लिखे जाएंगे चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर

बिना डर के बच्चे बता पाएंगे अपनी समस्याएं

रायपुर: राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कई फैसले लिए हैं. सिविल लाइन में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों और चौकियों की दीवारों पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और बाल कल्याण अधिकारियों के संपर्क नंबर लिखे जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चे आसानी से मदद ले सकें.

थानों और सरकारी दफ्तरों की दीवारों पर लिखे जाएंगे नंबर
डॉ. शर्मा ने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धाराओं के तहत यह व्यवस्था लागू की जाएगी. इसके लिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और रेंज के IG को पत्र भेजा गया है. निर्देश के अनुसार सभी थानों और पुलिस चौकियों की दीवारों पर स्लेट पट्टी की तरह एक स्थान बनाकर उस क्षेत्र के बाल कल्याण अधिकारी, सीडब्ल्यूसी (CWC) के सदस्य और अध्यक्ष के फोन नंबर लिखे जाएंगे.

बच्चों की पहचान रखी जाएगी गोपनीय
इसके साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों की दीवारों पर भी चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 लिखवाने का निर्णय लिया गया है. आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि अगर कोई बच्चा हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करता है, तो उसका नाम और पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा. इससे बच्चे बिना डर के अपनी समस्या बता सकेंगे और उन्हें तुरंत मदद मिल सकेगी.

यदि कोई बच्चा मदद के लिए फोन करता है, तो उसे अधिकारियों के पास नहीं आना होगा. अधिकारी खुद उस स्थान पर जाकर बच्चे की सहायता करेंगे जहां बच्चा मिलना चाहता है.- डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष

सिविल ड्रेस में मिलेंगे पुलिस अधिकारी
बच्चों की सहजता को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों से मिलने के दौरान पुलिस अधिकारी वर्दी या पुलिस वाहन में नहीं जाएंगे. इसके बजाय वे सिविल ड्रेस और सामान्य वाहन का उपयोग करेंगे.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों के लिए भी योजना
डॉ. शर्मा ने बताया कि नक्सल मुक्त हो रहे क्षेत्रों के बच्चों के लिए भी विशेष योजना बनाई जा रही है, ताकि वहां के बच्चों को जागरूक किया जा सके और उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें.

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