
कुरूद, ब्लॉक सरपंच संघ कुरूद की बैठक में पंचायतों में प्रशासनिक अव्यवस्था, विकास कार्यों में देरी, पंचायत प्रतिनिधियों की अनदेखी पर नाराजगी जताई गई। बैठक की अध्यक्षता हरिशंकर साहू ने की। जिला सरपंच संघ अध्यक्ष टिकेश साहू ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार, सम्मान नहीं मिल रहा। यह पंचायती राज व्यवस्था के खिलाफ है। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा समेत कई विकास कार्यों के भुगतान, मूल्यांकन में अनावश्यक देरी हो रही है। इससे ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है।
बैठक में राशन कार्ड, पेंशन, जॉब कार्ड जैसे काम पंचायत प्रतिनिधियों की जानकारी के बिना किए जाने पर आपत्ति जताई गई। सरपंचों ने कहा कि पंचायतों की लगातार उपेक्षा से जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। जनप्रतिनिधि मझधार में फंस गए हैं। सरपंच संघ ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो चरणबद्ध आंदोलन होगा।
हरिशंकर साहू ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई मानी जाती हैं। मौजूदा हालात में ग्राम पंचायतों की उपेक्षा बढ़ रही है। समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो सभी पंचायत प्रतिनिधि एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। टिकेश साहू ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की अनदेखी कर प्रशासनिक काम चलाना पंचायती राज की भावना के खिलाफ है। अधिकार, सम्मान नहीं मिला तो नरेंद्र मोदी की 2047 की विकसित राष्ट्र की परिकल्पना अधूरी रह जाएगी। जयमित्र साहू गोजी ने कहा कि गांवों की असली समस्याएं समझे बिना सिर्फ कागजी योजनाओं से विकास नहीं होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत काम भी लंबित हैं। इससे जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। पूर्णिमा साहू ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी, अधिकार से दूर रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। पंचायतें मजबूत नहीं होंगी, तो आत्मनिर्भर गांव, विकसित भारत का सपना पूरा नहीं होगा। सरपंचों ने कहा कि यह कार्यप्रणाली पंचायत राज की मूल भावना, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है। बैठक में पूर्णिमा साहू, जयमित्र साहू गोजी, पन्ना चंद्राकर, चेतन देवांगन, योगेश साहू समेत करीब 76 सरपंच मौजूद रहे।



