तेंदूपत्ता संग्राहक का बेटा बना भारतीय वन सेवा अधिकारी
सीएम साय ने कहा-छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत

रायपुर\रायगढ़: रायगढ़ जिले के सम्बलपुरी गांव के एक साधारण तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के बेटे अजय गुप्ता का चयन भारतीय वन सेवा (IFS) में हुआ है. अजय ने पूरे देश में 91वीं रैंक हासिल की है.
रायगढ़ के संबलपुरी गांव के रहने वाले अजय का बचपन जंगलों के बीच वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी करते हुए बीता. संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अजय बताते हैं कि माता पिता ज्यादा शिक्षित नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा को ही अपना लक्ष्य माना. छुट्टियों के दौरान वे खुद जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करने में माता-पिता की मदद करते थे. अभावों के बीच भी उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी योग्यता का परिचय दिया. इसके बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में प्रवेश मिला. एनआईटी में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलती रही.
जंगल बचपन से ही जिंदगी का हिस्सा रहा है. जंगल ने न सिर्फ रोजगार नहीं दिया, बल्कि जीवन की दिशा भी दी. बचपन से ही मेरा जुड़ाव जंगल से रहा है. जंगल ने बहुत कुछ दिया है, बस्तर में काम करने के दौरान भी जंगल से रिश्ता और मजबूत हुआ- अजय गुप्ता
सीएम साय ने अजय गुप्ता को दी बधाई और शुभकामनाएं
सीएय विष्णुदेव साय ने अजय की इस उपलब्धि पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि अजय ने न केवल अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहित करने वाला बेटा अब वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है. उन्होंने ये भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ और ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने वनांचल के प्रतिभाशाली बेटे के राह आसान की. वहीं वन मंत्री केदार कश्यप ने भी अजय गुप्ता को फोन कर बधाई दी और उनकी उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया.
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
अजय गुप्ता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं जो सीमित संसाधनों में कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.



