छत्तीसगढ़शिक्षा

सरकारी टीचर्स को TET पास करना अनिवार्य, नहीं करने पर नौकरी पर मंडराएगा संकट

दो साल के अंदर शिक्षकों को परीक्षा पास करनी होगी

दुर्ग : सरकारी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत 2552 शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ये नियम लागू किया गया है, जिसके तहत टीईटी परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडरा सकता है.

दुर्ग जिले में कई शिक्षकों ने नहीं पास की परीक्षा

आपको बता दें कि दुर्ग जिले के प्राथमिक विद्यालयों में 1255 और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में 1297 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है. इस तरह कुल 2552 शिक्षकों को अगले दो वर्षों के भीतर परीक्षा पास करनी होगी.

सरकारी टीचर्स को TET पास करना अनिवार्य (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार सभी कार्यरत शिक्षकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य है. ऐसा नहीं करने पर उनकी सेवा प्रभावित हो सकती है- अरविंद मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग

”शिक्षकों को तैयारी के लिए दिया जाएगा सहयोग”

वहीं, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि राज्य स्तर पर इस विषय में गंभीरता से विचार किया जा रहा है. शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक सहयोग भी दिया जाएगा . इस फैसले के बाद शिक्षकों में चिंता का माहौल है, वहीं विभाग तैयारी को लेकर रणनीति बनाने में जुट गया हैं.
देश भर के सरकारी स्कूलों में नियम लागू
यह नियम देशभर के सरकारी स्कूल शिक्षकों पर लागू किया गया है. वहीं व्यापमं ने फरवरी माह में सीजी टीईटी परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें जिले के कई शिक्षकों ने हिस्सा लिया था. हालांकि, इसमें बहुत कम शिक्षक ही सफल हो सके, जिससे अब बड़ी संख्या में शिक्षकों पर दबाव बढ़ गया है.

Related Articles

Back to top button