छत्तीसगढ़

पद्मश्री फूलबासन यादव से मिले विस अध्यक्ष रमन सिंह

राजनांदगाव पुलिस की तारीफ की

राजनांदगांव: विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह मंगलवार को चवेली गांव पहुंचे और पद्मश्री फूलबासन यादव से मुलाकात की. रमन सिंह ने उनसे चर्चा कर कुशलक्षेम जाना और उनके साथ हुई घटना के संबंध में जानकारी ली.

फूलबासन यादव से मिले रमन सिंह
रमन सिंह ने कहा कि फूलबासन यादव छत्तीसगढ़ में महिला स्वसहायता समूह की लाखों महिलाओं को संगठित कर रोजगार से जोड़ने का काम कर रही है. नि:स्वार्थ भाव से काम करने वाली पद्मश्री फूलबासन यादव के साथ हुई यह घटना चिंताजनक है. रमन सिंह ने फूलबासन यादव से कहा कि जब भी जरूरत होगी सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव मदद मिलेगी. वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने पुलिस विभाग की तत्परता और सक्रियता से की गई कार्रवाई की भी तारीफ की.

वहीं फूलबासन यादव ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को धन्यवाद दिया. उन्होंने इस घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष जाहिर करते हुए पुलिस विभाग को धन्यवाद दिया. फूलबासन यादव ने कहा कि वह आगे भी गांव के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए काम करती रहेंगी. इस अवसर पर कोमल सिंह राजपूत, भावेश बैद, सुमीत उपाध्याय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और समूह की महिलाएं मौजूद रहे.

फूलबासन यादव के साथ क्या हुआ था
राजनांदगांव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 5 मई को बेमेतरा की रहने वाली खुशबू साहू सुबह 10.30 बजे फूलबासन यादव से मिलने के लिए उनके घर सुकुलदैहान आई. खुशबू साहू के साथ तीन और लोग थे. इस दौरान खुशबू साहू ने फूलबासन यादव से कहा कि बाहर कार में बैठी एक दिव्यांग महिला उनके साथ फोटो खिंचाना चाहती है. जब फूलबासन यादव बाहर निकलीं और कार में बैठीं, तो कार तेजी से आगे बढ़ गई. आरोपियों ने कथित तौर पर उनके हाथ बांध दिए और कपड़े से उनका मुंह बंद कर दिया और उन्हें लेकर रवाना हो गए.

इस दौरान वाहनों की नियमित जांच कर रही ट्रैफिक पुलिस ने राजनांदगांव-खैरागढ़ सड़क पर चिखली पुलिस चौकी के पास कार को रोक लिया. पूछताछ में आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से कहा कि जिस महिला के हाथ बंधे थे और मुंह बंद था, वह मिर्गी की मरीज है, लेकिन पुलिसकर्मियों में से एक ने फूलबासन यादव को पहचान लिया और उन्हें बचा लिया.

कौन है फूलबासन यादव
पद्मश्री फूलबासन यादव सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वह साल 2001 से समाज सेवा कर रही हैं. साल 2001 में उन्होंने स्व सहायता समूह बनाया और महिलाओं को अपनी क्षमता के अनुसार छोटी-छोटी रकम बचाने की आदत अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया. अब, उनके नेटवर्क में लगभग दो लाख महिलाएं हैं, जो सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण के साथ जल और पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती जैसी गतिविधियों में भी लगी हुई हैं. फूलबासन यादव को कई अन्य प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं.

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