छत्तीसगढ़

महिला जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों पर नियमों की नकेल , सरकारी काम में दखल दिया तो होगा एक्शन

धमतरी जिला पंचायत ने महिला जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों की मनमानी रोकने के लिए आदेश निकाला है.

धमतरी : धमतरी जिला पंचायतों ने सरकारी कामकाज में बढ़ते पारिवारिक दखल को कम करने के लिए एक सख्त आदेश जारी किया है.इस आदेश में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों को सरकारी कामकाज में दखल देने से रोका गया है. ये आदेश सभी जनपद और ग्राम पंचायतों के लिए है. जिला पंचायत में अक्सर ऐसी शिकायतें आती थी कि महिला सरपंच का सारा कामकाज या तो पति कर रहे हैं या फिर उनके रिश्तेदारों का पंचायत में पूरा नियंत्रण है.इस परिपाटी को बंद करने के लिए जिला पंचायत ने ऐसे मामलों को पंचायती राज अधिनियम 1993 का उल्लंघन माना है.अब यदि पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार से संबंधित शिकायत आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

रिश्तेदारों ने दिया दखल तो होगी कार्रवाई

सिर्फ धमतरी जिले में ही नहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी महिला जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार सरकारी कामकाज में दखल देते हैं.धमतरी जैसी जगह में ये स्थिति भयावह है. ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं कि महिला पद पर बैठी है और उनके रिश्तेदार अफसर और ठेकेदारों को निर्देश दे रहे हैं.ऐसे मामलों की कई बार शिकायत भी हुई,लेकिन किसी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ये सिलसिला बढ़ने लगा. मीडिया रिपोर्ट्स और शिकायतों पर अब जिला पंचायत धमतरी ने संज्ञान लिया है. जिला पंचायत ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब पंचायत के किसी भी स्तर पर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या जिला पंचायत की महिला जनप्रतिनिधियों के कार्यों में किसी भी पुरुष रिश्तेदार की दखलंदाजी पूरी तरह प्रतिबंधित है.
क्या है जिला पंचायत का आदेश ?
आदेश में साफ कहा गया है पंचायतीराज संस्था में निर्वाचित महिला पंचायत पदाधिकारियों के काम काज संचालन के दौरान उनके सगे-संबंधियों के हस्तक्षेप पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में दिशा-निर्देश पूर्व में प्रसारित किया गया है. जिला पंचायत ने आदेश में लिखा कि जिला और जनपद पंचायत में महिला जनप्रतिधियों के रिश्तेदार पंचायत संबंध कार्यों में हस्तक्षेप करने के साथ अफसरों को निर्देशित कर रहे हैं.लेकिन अब से पंचायत कार्यालय परिसर के भीतर महिला पंचायत पदाधिकारियों के फैसलों में उनके कोई भी सगे सबंधी, रिश्तेदार पंचायत के किसी कार्य में हस्तक्षेप, दखलअंदाजी नहीं करेंगे. किसी विषय पर किसी भी पदाधिकारी और कर्मियों को महिला पंचायत पदाधिकारी की ओर से निर्णय लेकर सुझाव निर्देशित नहीं देंगे.यदि भविष्य में ऐसा होना पाया गया तो इसे संबंधित महिला पंचायत पदाधिकारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पचायती राज अधिनियम 1993 के प्रावधानों के उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी.

महिला जनप्रतिनिधि सिर्फ रबर स्टैंप

अक्सर ये देखा जाता है कि महिला जनप्रतिनिधियों के फैसले उनके सगे संबंधी लेते हैं. चाहे वो पंचायत स्तर के काम हो,अफसरों को निर्देशित करना हो या फिर ठेकेदारों को काम के लिए गाइड करना.महिला जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार निर्वाचित पद के आधार पर सारा नियंत्रण अपने हाथों में ले लेते हैं.जिससे कई बार विवाद की स्थिति भी बनी है.यानी नाम किसी और का और काम पर कोई और.इस अनोखी परंपरा के कारण सबसे ज्यादा ठेकेदार परेशान होते हैं,क्योंकि बिल पास करवाने और एनओसी देने के नाम पर जनप्रतिनिधि के नाम पर रिश्तेदार अपनी जेबें गर्म करने का काम करते हैं.इससे छुटकारा पाने के लिए जिला पंचायत ने सख्त आदेश निकालकर ऐसा होने पर महिला जनप्रतिनिधि पर ही कार्रवाई करने का आदेश निकाला है.

 

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