ग्रीन टी के 7 साइड इफेक्ट्स बिगाड़ सकते हैं आपकी सेहत, हेल्दी समझकर रोज पीने वाले हो जाएं सावधान
ग्रीन टी सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये कुछ लोगों के लिए हानिकारक हो सकती है। जी हां, ये सच है, प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं, कैफीन सेंसिटिव लोग और एनीमिया के पेशेंट्स को इसी डाइट में शामिल करते वक्त सावधान रहने की जरूरत है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन लोगों को ग्रीन टी से परहेज करना चाहिए।

रायपुर। ग्रीन टी को हेल्दी रूटीन का हिस्सा माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, कैटेचिन्स और पॉलीफेनॉल्स शरीर को टॉक्सिन्स से बचाते हैं, मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं और वजन कम करने में मदद करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ग्रीन टी सभी के लिए सुरक्षित हो सकती है, क्योंकि कुछ हेल्थ कंडीशन्स में इसका सेवन उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है। जी हां, यहां ऐसे ही कुछ लोगों की जानकारी दी गई है जिनको ग्रीन टी से परहेज करना चाहिए (Green Tea Side Effects)। आइए जानते हैं।
प्रेग्नेंट महिलाएं
ग्रीन टी में कैफीन और टैनिन्स मौजूद होते हैं, जो गर्भावस्था में फोलिक एसिड के एब्जॉर्पशन को कम कर सकते हैं। इससे भ्रूण में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा अधिक कैफीन प्रीमैच्योर डिलीवरी या कम वजन वाले बच्चे का कारण भी बन सकता है।
ब्रेस्टफीडन कराने वाली महिलाएं
कैफीन मां के दूध में पहुंचकर शिशु में नींद की कमी, चिड़चिड़ापन और पेट की समस्या पैदा कर सकता है। खासकर नवजात शिशुओं के लिए यह असर ज्यादा हानिकारक हो सकता है।
कैफीन सेंसिटिव लोग
जो लोग कैफीन के प्रति संवेदनशील होते हैं, उन्हें थोड़ी सी मात्रा में भी घबराहट, दिल की धड़कन बढ़ना, कंपकंपी और चक्कर हो सकती है। उनके लिए ग्रीन टी का नियमित सेवन समस्या को बढ़ा सकता है।
एनीमिया पेशेंट
ग्रीन टी में मौजूद टैनिन्स आहार से मिलने वाले आयरन के एब्जॉर्पशन को बाधित करते हैं। इससे आयरन की कमी और गंभीर हो सकती है, खासकर अगर मरीज पहले से ही हीमोग्लोबिन के लो लेवल से जूझ रहा हो।



