छत्तीसगढ़

बालोद: सरपंच , उपसरपंचों का विरोध प्रदर्शन, 9 माह से जेब खाली

15वें वित्त से राशि जारी करने की मांग

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद में सरपंच और उपसरपंच सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सरपंचों और उपसरपंचों का आरोप है कि बीते 9 महीने से उन्हें फंड जारी नहीं हो रहे हैं जिससे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बीते 9 महीने से 15वें वित्त आयोग की राशि जारी नहीं हुई. इस वजह से परेशानी और बढ़ गई है.

फंड नहीं मिलने से विकास कार्य ठप
सरपंच संघ का आरोप है कि उन्हें फंड नहीं मिल पा रहा है जिस वजह से वह डिफॉल्टर हो गए हैं. इसलिए वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सरपंच संघ के अध्यक्ष डाकेश साहू ने कहा कि 15वें वित्त की राशि अब तक सरपंचों को नहीं मिली है.

सरपंच संघ की परेशानी
छोटे मोटे काम के लिए हमें दुकानदारों (वेंडर) पर निर्भर रहना पड़ता है. समय पर भुगतान न कर पाने की वजह से हमारी छवि डिफॉल्टर के रूप में बन गई है और हमें उनके सामने बेइज्जत होना पड़ रहा है. जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है-

डाकेश साहू, अध्यक्ष, सरपंच संघ, बालोद

“फंड नहीं मिलेगा तो सरपंच क्या करेंगे”
सरपंच संघ की उपाध्यक्ष हेमलता साहू ने अपनी पीड़ा व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि जनता ने हमें चुनकर भेजा है लेकिन विकास कार्य न होने के कारण उनका विश्वास सरपंचों से उठता जा रहा है. हम लोगों के हित में काम नहीं कर पा रहे हैं. 15वें वित्त आयोग का पैसा नहीं मिल पा रहा है. जो खनिज संस्थान न्यास (DMF) का पैसा पहले पंचायतों को मिलता था, वह भी अब केवल खनन प्रभावित जगहों को दिया जा रहा है. ऐसे में हम सरपंच क्या करें.

हमारे कंधों पर गांव की गलियां, सड़कें, पानी और बिजली जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को चलाने की जिम्मेदारी है, लेकिन फंड नहीं मिलने के कारण हम कोई भी कार्य नहीं कर पा रहे हैं-

हेमलता साहू, उपाध्यक्ष, सरपंच संघ

विधायक ने सदन में मुद्दा उठाने की बात कही
सरपंच और उपसरपंच की मांगों को लेकर कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने सदन में इस समस्या को उठाने की बात कही है. उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. संगीता सिन्हा ने कहा कि विष्णुदेव साय के शासनकाल में सरपंच ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और उन्हें सड़क पर उतरना पड़ रहा है.यह प्रदेश के लिए दुर्भाग्य का विषय है कि गांव का नेतृत्व करने वाले आज परेशान हैं मैंने यह निर्णय लिया है कि मैं सरपंचों की आवाज को विधानसभा में उठाउंगी और सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगूंगी.

Related Articles

Back to top button