
एमसीबी: भीषण गर्मी के बीच जिले के नगर पंचायत खोंगापानी में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. नगर के अधिकांश वार्डों में पानी की किल्लत खुलकर सामने आ रही है, जिससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में सप्ताह में एक बार तो कहीं 8 से 10 दिनों के अंतराल में पानी सप्लाई हो रही है. गर्मी के बढ़ते तापमान ने समस्या को और गंभीर बना दिया है. दोपहर के समय जहां लोग तेज धूप से जूझ रहे हैं, वहीं पीने के पानी के लिए भी उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
जमीनी हकीकत ने खोली व्यवस्था की पोल
स्थानीय स्तर पर किए गए निरीक्षण में सामने आया कि नगर पंचायत खोंगापानी के कई वार्डों में पेयजल की स्थिति बेहद खराब है. लोग पानी के लिए या तो लंबा इंतजार कर रहे हैं या फिर टैंकरों पर निर्भर हैं. कई परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी का जुगाड़ करने में ही पूरा दिन लग जाता है.
टैंकर का सहारा, पीने की पानी की समस्या
वार्डवासियों का कहना है कि नियमित जल आपूर्ति नहीं हो रही है. कुछ इलाकों में 8 से 10 दिन में एक बार पानी मिल रहा है, जो पर्याप्त नहीं है. ऐसे में लोगों को निजी स्तर पर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है या फिर नगर पंचायत द्वारा भेजे जा रहे टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है.
जाते हैं डब्बा लेकर तब जाकर थोड़ा पानी मिलता है. उसमें भी पीने के पानी की बहुत परेशानी है, पीने का पानी तो मिलता ही नहीं है- कौशल्या, स्थानीय निवासी
टैंकर आता है और खाली होने में 7-8 मिनट भी नहीं लगता है. किसी को मिलता है किसी को नहीं मिलता, औरतों में तो अक्सर वाद-विवाद की स्थिति बन रही है- रमेश, स्थानीय निवासी
‘विकसित भारत’ के बीच मूलभूत सुविधा पर सवाल
एक ओर देश “आज़ादी का अमृत महोत्सव” मना रहा है और विकसित भारत की परिकल्पना की जा रही है, वहीं दूसरी ओर खोंगापानी जैसे क्षेत्रों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है. स्थानीय लोग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ठोस समाधान की मांग कर रहे हैं.
पानी के लिए यहां मशक्कत करनी पड़ रही है, लड़ाई झगड़े हो जाते हैं, नगर निगम में जाकर चिल्लाओ-चीखो तब जाकर हफ्ते में एक दिन टैंकर भेजते हैं- मुकेश कुमार, पार्षद
जनप्रतिनिधियों के दावे और जमीनी सच्चाई में अंतर
नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि जिन वार्डों में पानी की अधिक समस्या है, वहां टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और स्थायी समाधान की जरूरत है.
गर्मी के समय सभी जगह पानी की परेशानी तो होती ही है. जहां जरूरी लग रहा है टैंकर भेज रहे हैं और अमृत मिशन के जरिए भी कोशिश कर रहे हैं कि पानी की समस्या दूर करें- ललिता रामा यादव, अध्यक्ष, नगर पंचायत खोंगापानी
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है परेशानी
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है, जिससे पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है. यदि समय रहते स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो नगर के लोगों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.
अब देखने वाली बात होगी कि नगर पंचायत खोंगापानी और स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए आगामी दिनों में क्या ठोस कदम उठाते हैं.



