
बलौदा बाजार। बलौदा बाजार जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए नालंदा परिसर निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शासन के अधोसंरचना मद से करीब 4.41 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस 250 सीटर लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन का निर्माण तय समय-सीमा जून तक पूरा होना था, लेकिन नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के बाद भी मौके पर केवल नींव का कार्य ही दिखाई दे रहा है।
घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
सबसे चिंताजनक बात यह है कि, निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और छात्रों का आरोप है कि, नींव निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि, मोटे सरियों की जगह पतले सरियों का उपयोग किया जा रहा है, सरियों के बीच अत्यधिक दूरी रखी गई है। जमीन की भराई में मुरूम के स्थान पर निम्न गुणवत्ता वाली काली मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है और गिट्टी की जगह बजरी मिलाकर निर्माण किया जा रहा है।
बिना सूचना बोर्ड और निगरानी के चल रहा निर्माण कार्य
आरोप यह भी है कि, इतने बड़े शासकीय प्रोजेक्ट के बावजूद निर्माण स्थल पर परियोजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। मौके पर नियमित रूप से किसी जिम्मेदार इंजीनियर या तकनीकी अधिकारी की निगरानी भी दिखाई नहीं दे रही है और निर्माण कार्य ठेकेदार और मजदूरों के भरोसे संचालित हो रहा है।
नालंदा परिसर की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न
नालंदा परिसर की परिकल्पना छात्रों को हाई-स्पीड इंटरनेट, आधुनिक लाइब्रेरी, शांत अध्ययन वातावरण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उत्कृष्ट संसाधन उपलब्ध कराने के लिए की गई थी। लेकिन निर्माण में हो रही देरी और गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों ने इस महत्वाकांक्षी योजना की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
करोड़ों की परियोजना में अनियमितताओं के आरोप
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि, करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस शासकीय निर्माण में यदि शुरुआत से ही कथित अनियमितताएं सामने आ रही हैं, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? क्या प्रशासन इन आरोपों की तकनीकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर छात्रों के सपनों का यह प्रोजेक्ट भी शासकीय लापरवाही और कथित गड़बड़ियों की भेंट चढ़ जाएगा?



